सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा एक्शन: 5वीं मंजिल वाले भवनों को सील करने का निर्देश, एम्स ने की 6 मौतों की पुष्टि

नई दिल्ली।दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत (हॉस्टल) जमींदोज होने के मामले में दिल्ली एम्स ने आधिकारिक रूप से 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए क्षेत्र में पांचवीं मंजिल वाले सभी भवनों को तत्काल सील करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही इमारत मालिक पर एफआईआर दर्ज करने और दोषी पाए जाने वाले एमसीडी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
सोमवार सुबह घटनास्थल का दोबारा जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 साल पुरानी इस इमारत के बेसमेंट में पानी भरने से पिलर कमजोर हो गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। एहतियात के तौर पर इसके ठीक पीछे वाली इमारत को भी खाली करा लिया गया है, जिसे जल्द ही गिरा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्लीवासियों और छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार नगर निगम के साथ मिलकर एक नई नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत पीजी, नर्सिंग होम और स्कूलों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट अनिवार्य होगा। जिस इमारत को सुरक्षित प्रमाणित नहीं किया जाएगा, उसमें किसी भी सार्वजनिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एम्स ट्रॉमा सेंटर में 6 की मौत
एम्स जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर द्वारा जारी बयान के अनुसार, मलबे से निकाले गए 11 घायलों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 5 को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि एक गंभीर घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक की सर्जरी की गई है, वहीं मामूली रूप से घायल एक मरीज को छुट्टी दे दी गई है।
आर्यभट्ट कॉलेज बना अस्थायी आश्रय
हादसे के मद्देनजर साउथ कैंपस स्थित आर्यभट्ट कॉलेज में सोमवार को शैक्षणिक कार्य स्थगित कर दिया गया और कॉलेज को प्रभावित छात्रों के लिए अस्थायी आश्रय स्थल बनाया गया है। प्रभावित छात्रों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। आसपास के अन्य पीजी और भवनों की भी सघन जांच शुरू कर दी गई है।













