सागर में जहरीली शराब का कहर: मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हुई, डिप्टी सीएम बोले—जड़ से खत्म करेंगे अवैध कारोबार
नौरोजा और गोगरा गांव में मातम, पीड़ित परिवारों से मिले उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला

जिला आबकारी अधिकारी निलंबित, थाना प्रभारी हटाए गए; 10 अवैध कारोबारी गिरफ्तार
मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा
सागर।मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुए भीषण हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 13 तक पहुंच गया है। नौरोजा और गोगरा गांवों में पसरे मातम के बीच सोमवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी दोषी या लापरवाह अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि घटना में अब तक 13 लोगों की जान जा चुकी है। 50 से अधिक लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है, जो अब खतरे से बाहर हैं, जबकि 3 की हालत गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
अधिकारियों पर गिरी गाज, 10 गिरफ्तार
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि अवैध शराब के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी सहित संबंधित अमले को निलंबित कर दिया गया है तथा स्थानीय थाना प्रभारी को हटा दिया गया है। गांव-गांव शराब पहुंचाने वाले 10 फुटकर कारोबारियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है, ताकि मुख्य सप्लायर और निर्माणकर्ताओं तक पहुंचा जा सके।
केमिकल के अत्यधिक इस्तेमाल का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाहर से केमिकल लाकर क्षेत्र में ही अवैध कच्ची शराब तैयार की जा रही थी। मानक के विपरीत केमिकल की मात्रा अत्यधिक बढ़ा दिए जाने से शराब जहरीली हो गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से अवैध शराब की पैकारी चल रही थी और शिकायत के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई होगी।













