बिहार में बाढ़ का संकट बरकरार: सात प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर, गंगा के घाटों पर मिश्रित रुझान

पटना।बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जल संसाधन विभाग की सोमवार सुबह की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की सात प्रमुख नदियां—गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और घाघरा—कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि कुछ स्थानों पर जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि गंगा समेत कई नदियों के निचले इलाकों में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
नदियों के जलस्तर की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, गंडक नदी डुमरियाघाट में लाल निशान से 55 सेमी और हाजीपुर में 15 सेमी ऊपर बह रही है, यद्यपि दोनों स्थानों पर जलस्तर में आंशिक गिरावट देखी गई है। कोसी नदी बलतारा में घट रही है, लेकिन कुरसेला में इसका जलस्तर बढ़ रहा है। बागमती नदी बेनीबाद में खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर पहुंच गई है और इसमें वृद्धि जारी है। वहीं बूढ़ी गंडक खगड़िया में खतरे के निशान से 1.92 मीटर ऊपर तथा पुनपुन नदी श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 2.87 मीटर ऊपर बह रही है।
गंगा में कहीं राहत तो कहीं आफत
गंगा नदी का रुख पूरे प्रदेश में एक समान नहीं है। पटना के दीघा और गांधी घाट पर जलस्तर में गिरावट आई है, हालांकि गांधी घाट पर गंगा अभी भी खतरे के निशान से 1.81 मीटर ऊपर है। इसके विपरीत हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में पानी बढ़ रहा है। हाथीदह में नदी खतरे के निशान से 1.76 मीटर ऊपर बह रही है।
प्रमुख बैराजों से डिस्चार्ज
बीरपुर बैराज से कोसी नदी का डिस्चार्ज घटकर 1,96,645 क्यूसेक रह गया है, जिसमें 19,380 क्यूसेक की कमी आई है। इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में पानी का बहाव 48,410 क्यूसेक घटकर 1,39,847 क्यूसेक हो गया है। इसके विपरीत वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक में डिस्चार्ज 2,500 क्यूसेक बढ़कर 1,21,500 क्यूसेक दर्ज किया गया। नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।













