2 हजार से अधिक के UPI लेन-देन पर MDR वापस लेने की मांग
प्रवीण सिंह चौहान बोले—डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर अतिरिक्त लागत का असर पड़ सकता है

सिंगरौली। जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर के अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने 2 हजार रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यूपीआई आम नागरिकों, छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और युवाओं के दैनिक लेन-देन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा घोषित नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2 हजार रुपये से अधिक के पात्र व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा। 75 हजार रुपये या उससे अधिक के लेन-देन पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेन-देन रखी गई है। वहीं व्यक्ति-से-व्यक्ति लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं होगा।
चौहान ने कहा कि सरकार एमडीआर को कर नहीं मान रही है और उसके अनुसार इसका भुगतान ग्राहक से नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद उन्होंने आशंका जताई कि व्यापारियों पर आने वाली अतिरिक्त लागत का अप्रत्यक्ष प्रभाव बाजार में ग्राहकों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने मांग की कि यूपीआई को अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखा जाए और इसके संचालन तथा साइबर सुरक्षा की लागत के लिए पारदर्शी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। चौहान ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इसकी सरलता और कम लागत वाली व्यवस्था को बनाए रखना जरूरी है।










