देवसर सीएचसी में मरीजों का दबाव बढ़ा, डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

सिंगरौली/देवसर। आकांक्षी ब्लॉक देवसर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवसर में प्रतिदिन करीब 500 मरीजों की ओपीडी होने का दावा किया जा रहा है, जबकि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता को लेकर कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। वर्ष 2025 की एक स्थानीय रिपोर्ट में भी देवसर सीएचसी में 300 से अधिक ओपीडी का दबाव और चिकित्सकीय स्टाफ की कमी का उल्लेख किया गया था।
मरीजों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों के उपचार के लिए पहुंचने के बावजूद पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से उन्हें इंतजार और रेफरल जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र की प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ चिकित्सकीय कार्यभार संभालने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

हाल में देवसर सीएचसी परिसर के शासकीय आवास में कथित रूप से संचालित साईं डायग्नोस्टिक सेंटर को प्रशासन ने सील किया और संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इससे स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।
देवसर आकांक्षी ब्लॉक के रूप में दर्ज है और जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर इसके लिए आकांक्षी ब्लॉक फेलो की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल हालिया बैठकों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और उपचार व्यवस्था बेहतर करने पर जोर दे चुके हैं।स्थानीय लोगों की मांग है कि देवसर सीएचसी में स्वीकृत और कार्यरत चिकित्सकों के पदों की स्थिति सार्वजनिक की जाए, रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं तथा मरीजों की वास्तविक ओपीडी के अनुपात में चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराया जाए।













