सरकारी स्कूलों में राजनीतिक मंच नहीं होना चाहिए, सेवा संकल्प कार्यक्रमों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

सिंगरौली। मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर के अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने सरकारी स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रतिभा के विकास का स्थान हैं, इसलिए वहां होने वाले कार्यक्रमों को किसी भी दल के प्रचार से अलग रखा जाना चाहिए। राज्य सरकार की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न जनभागीदारी गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी आधिकारिक स्तर पर भी दी गई है।
प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने चित्रकला, रंगोली और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जो सराहनीय है। उनका कहना है कि आपत्ति बच्चों की गतिविधियों से नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में मुख्य अतिथि के रूप में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की मौजूदगी को लेकर है।
उन्होंने शिक्षा विभाग से सवाल किया कि सरकारी विद्यालयों में अतिथियों के चयन का आधार क्या तय किया गया है और क्या इसमें शैक्षणिक, सामाजिक तथा अन्य उपलब्धियों को प्राथमिकता दी जा रही है। चौहान ने आरोप लगाया कि यदि केवल राजनीतिक पहचान के आधार पर नेताओं को मंच दिया जा रहा है तो इससे सरकारी शिक्षण संस्थानों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की कि सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले कार्यक्रमों को दलगत राजनीति से दूर रखा जाए। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों में शिक्षा, विज्ञान, खेल, कला, सामाजिक सेवा, संविधान और विद्यार्थियों की उपलब्धियों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
चौहान ने कहा कि विद्यार्थी किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं, बल्कि देश और प्रदेश का भविष्य हैं। उनके अनुसार सरकारी स्कूलों का मंच विद्यार्थियों को प्रेरणा देने, उनकी प्रतिभा निखारने और सकारात्मक सामाजिक सोच विकसित करने के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।













