महाराष्ट्र में सूखे के बीच किसानों को राहत का ऐलान
फडणवीस बोले- छूटे पात्र किसानों को भी मिलेगा कर्जमाफी का लाभ, जल्द जारी होगा शासनादेश

मुंबई/वाशिम। महाराष्ट्र में कम बारिश, जल संकट और फसलों को हुए नुकसान के बीच राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को राहत देने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए जल्द शासनादेश जारी किया जाएगा और जो पात्र किसान पिछली कर्जमाफी योजना में लाभ से छूट गए हैं, उन्हें भी राहत के दायरे में लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विदर्भ के वाशिम जिले में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने मराठवाड़ा और सोलापुर के कई इलाकों का भी जायजा लिया था। फडणवीस ने स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
राज्य में 21 से अधिक जिलों में जल संकट की स्थिति सामने आई है। 22 सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में सामान्य औसत की तुलना में करीब 80.82 प्रतिशत बारिश हुई है। 17 जिलों में सामान्य से 50 से 75 प्रतिशत और 14 जिलों में 75 से 100 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
पानी, चारा और फसल नुकसान पर फोकस
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने, मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करने और फसल नुकसान का पंचनामा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ के साथ रबी फसलों के नुकसान को लेकर भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकार ने सूखा राहत से जुड़े फैसलों के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति भी गठित की है। समिति को राहत संबंधी निर्णय लेने और स्थिति की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
कर्जमाफी में छूटे किसानों पर भी नजर
महाराष्ट्र सरकार की मौजूदा किसान कर्जमाफी योजना में पात्र किसानों को शामिल करने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। सरकार ने जुलाई में योजना का क्रियान्वयन शुरू किया था और पात्रता सत्यापन के बाद शेष लाभार्थियों को भी चरणबद्ध तरीके से लाभ देने की बात कही थी।
सूखे की मौजूदा स्थिति के बीच सरकार की ओर से अब यह संकेत दिया गया है कि पात्र किसानों को कर्जमाफी के लाभ से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा। हालांकि राहत की अंतिम रूपरेखा शासनादेश जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।













