बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेश

कोल्ड्रिफ मामले में डॉ. प्रवीण सोनी की याचिका खारिज

चार्जशीट रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे थे डॉक्टर, 27 मृत बच्चों के परिजन को पक्षकार बनाने के निर्देश के बाद याचिका वापस ली

जबलपुर। छिंदवाड़ा में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। चार्जशीट रद्द कराने के लिए दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मामले में मृत 27 बच्चों के परिजन को भी पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद डॉ. सोनी की ओर से याचिका वापस ले ली गई, जिस पर अदालत ने उसे खारिज कर दिया।

डॉ. सोनी की ओर से दलील दी गई थी कि कफ सिरप के निर्माण या बिक्री में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। वे करीब 20 वर्षों से यह दवा मरीजों को लिख रहे थे। उनके अनुसार कफ सिरप श्रीसन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने बनाया और बेचा था तथा उन्हें दवा में किसी तरह की मिलावट की जानकारी नहीं थी। जिस समय उन्होंने दवा लिखी, उस समय इस पर कोई प्रतिबंध भी नहीं था। सिरप पर पहली बार 4 अक्टूबर 2025 को रोक लगाई गई थी।

कमीशन लेकर सिरप लिखने का आरोप

अभियोजन की ओर से डॉ. सोनी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन का दावा है कि सिरप के संबंध में जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कथित रूप से कमीशन लेकर बच्चों को दूषित कफ सिरप लिखी। जांच में ऐसे बच्चों के बीमार पड़ने का भी उल्लेख किया गया है, जिन्हें सिरप दी गई थी। कुछ बच्चों में किडनी संबंधी गंभीर समस्या सामने आने और मौत होने का दावा अभियोजन की ओर से किया गया है।

डॉ. सोनी पर सरकारी अस्पताल में ड्यूटी के साथ निजी प्रैक्टिस करने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि इन आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होने वाली सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगा।

27 बच्चों की मौत से जुड़ा मामला

कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में छिंदवाड़ा और बैतूल में 27 बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। डॉ. प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इससे पहले निचली अदालत भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। मामले की जांच जारी है।

Author

Related Articles

Back to top button