कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए टीआई दिलीप पुरी के परिवार को 1 करोड़ की सहायता, पत्नी को मिलेगी एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति

भोपाल। देवास जिले के खातेगांव में शराब तस्करों के ट्रक की चपेट में आने से थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए दिवंगत टीआई के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और उनकी पत्नी को सब इंस्पेक्टर (एसआई) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक संदेश जारी कर कहा कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी का दिवंगत होना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ी है। घटना की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है।
जानकारी के अनुसार, खातेगांव में शराब तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को रोकने के दौरान यह हादसा हुआ। बताया गया है कि थाना प्रभारी ने चालक से वाहन से नीचे उतरने को कहा, इसी दौरान चालक ने आयशर ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाते हुए आगे बढ़ा दिया। ट्रक की चपेट में आने से टीआई दिलीप पुरी की जान चली गई। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दिलीप पुरी ने पूरी निष्ठा, बहादुरी और समर्पण के साथ पुलिस सेवा में अपना कर्तव्य निभाया। उन्होंने देवास कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात कर घटना के कारणों की गहन जांच के निर्देश दिए जाने की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिलीप पुरी का परिवार उनके पैतृक गांव बरमंड में रहता है। उनका जन्म भी इसी गांव में हुआ था और प्रारंभिक शिक्षा यहीं पूरी की थी। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वर्ष 2007 में उनका पुलिस विभाग में चयन हुआ था। उनके निधन से गांव और पुलिस विभाग में शोक का माहौल है।













