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SIR के बाद 5 राज्यों में 2.29 करोड़ मतदाताओं की कमी, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़ नाम घटे

 

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में मतदाताओं की कुल संख्या में करीब 2.29 करोड़ की कमी दर्ज की गई है। चुनाव आयोग और राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इन 5 राज्यों में पुनरीक्षण से पहले करीब 18.71 करोड़ मतदाता थे, जबकि अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या घटकर लगभग 16.43 करोड़ रह गई। इस तरह मतदाता संख्या में करीब 12.2 प्रतिशत की गिरावट आई है। इन राज्यों में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा कमी उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई है। यहां पुनरीक्षण से पहले 15.44 करोड़ मतदाता थे। प्रारंभिक सूची में यह संख्या घटकर करीब 12.56 करोड़ रह गई थी। दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़कर लगभग 13.40 करोड़ हो गई। इसके बावजूद राज्य में करीब 2.04 करोड़ मतदाता कम दर्ज किए गए, जो पहले की संख्या का लगभग 13.24 प्रतिशत है। शुरुआती सूची से हटाए गए करीब 2.89 करोड़ नामों में से लगभग 84 लाख नाम अंतिम सूची में फिर से शामिल किए गए।

पंजाब में 14 लाख मतदाता कम

पंजाब में पुनरीक्षण से पहले करीब 2.15 करोड़ मतदाता दर्ज थे। प्रारंभिक सूची में यह संख्या घटकर 1.94 करोड़ रह गई थी, जबकि अंतिम सूची में बढ़कर करीब 2.01 करोड़ हो गई। इसके बावजूद राज्य में लगभग 14 लाख यानी 6.34 प्रतिशत मतदाताओं की कमी दर्ज की गई। प्रारंभिक सूची से हटाए गए करीब 21 लाख नामों में से लगभग 7 लाख नाम दोबारा जोड़े गए।

उत्तराखंड में 8 लाख की कमी

उत्तराखंड में SIR से पहले करीब 80 लाख मतदाता थे। प्रारंभिक सूची में यह संख्या घटकर 71 लाख रह गई और अंतिम सूची में बढ़कर लगभग 72 लाख हुई। इस तरह राज्य में करीब 8 लाख यानी 10.07 प्रतिशत मतदाता कम हुए।

मणिपुर में 6.33 प्रतिशत की गिरावट

मणिपुर में पुनरीक्षण से पहले करीब 20.9 लाख मतदाता थे। प्रारंभिक सूची में यह संख्या घटकर 19.3 लाख रह गई थी। अंतिम सूची में बढ़कर लगभग 19.6 लाख हुई। इस तरह राज्य में करीब 1.3 लाख यानी 6.33 प्रतिशत मतदाताओं की कमी दर्ज की गई।

गोवा में अंतिम सूची में भी घटे नाम

गोवा में SIR से पहले करीब 11.85 लाख मतदाता थे। प्रारंभिक सूची में यह संख्या घटकर 10.85 लाख रह गई और अंतिम सूची में और कम होकर लगभग 10.58 लाख पर पहुंच गई। इस तरह राज्य में करीब 1.27 लाख यानी 10.76 प्रतिशत मतदाता कम हुए। इन पांच राज्यों में गोवा ऐसा राज्य रहा, जहां अंतिम सूची में प्रारंभिक सूची की तुलना में भी मतदाताओं की संख्या कम हो गई।

2027 में होने हैं विधानसभा चुनाव

इन पांचों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होगा। वहीं मणिपुर, गोवा, पंजाब और उत्तराखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा। ऐसे में चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने का अवसर देना है। आंकड़ों में दर्ज कमी के कारणों में मृत मतदाता, स्थानांतरित हो चुके मतदाता और अन्य अपात्र या दोहराए गए पंजीकरण शामिल हो सकते हैं। केवल कुल संख्या में कमी से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हटाए गए सभी नामों के पीछे एक ही कारण था।

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