मध्य प्रदेशसिंगरौली

बंधा कोल परियोजना क्षेत्र में हिंडाल्को-एसेल माइनिंग की पहल रंग लाई

परती जमीन पर खेती से खिले किसानों के चेहरे

सिंगरौली। बंधा कोल परियोजना क्षेत्र और उसके आसपास के गांवों में हिंडाल्को-एसेल माइनिंग की पहल अब जमीन पर साफ नजर आने लगी है। वर्षों से परती पड़ी जमीन पर खेती शुरू होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सिंगरौली जिले के पचौर, देवरी, चितरवईकला और लामीदह गांवों के 13 किसान परिवारों को इस पहल का सीधा लाभ मिला है, जहां अब बहुफसलीय खेती की जा रही है।

पचौर गांव के महुअरिया टोला निवासी हरि प्रसाद द्विवेदी बताते हैं कि पहले उनकी जमीन खुली होने के कारण मवेशियों से खेती संभव नहीं थी। कंपनी की मदद से खेत की घेराबंदी हुई, जिससे अब रामतिल, उड़द और मूंग जैसी फसलें ली जा रही हैं। हाल ही में उन्होंने तीन क्विंटल रामतिल बेचकर अच्छा लाभ कमाया है।हिंडाल्को-एसेल माइनिंग द्वारा सीएसआर के तहत 13 किसान परिवारों की कुल 17.5 एकड़ भूमि पर बागवानी और खेती के लिए सहयोग किया जा रहा है। खेतों की सुरक्षा के लिए 1111 पोल लगाकर छह परतों में कंटील तार की घेराबंदी की गई। साथ ही आम, अमरूद, नींबू और कश्मीरी बेर जैसे फलदार पौधे उपलब्ध कराए गए। पौधों के संरक्षण के लिए खाद और कीटनाशक भी दिए गए। कृषि विज्ञान केंद्र सिंगरौली के वैज्ञानिकों के माध्यम से किसानों को बागवानी और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दिलाया गया।

इन खेतों में अब फलदार पौधों के साथ-साथ अंतरवर्तीय फसलें जैसे रामतिल, चना, गेहूं और सब्जियां भी उगाई जा रही हैं, जिससे किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।इस पहल के बारे में हिंडाल्को के बिजनेस हेड, माइंस एंड मिनरल, कैलाश पांडेय ने कहा कि कंपनी बंधा कोल परियोजना क्षेत्र के समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। किसानों को उन्नत खेती से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता है।

वहीं एसेल माइनिंग के एमडी थॉमस चैरियन ने बताया कि पिछले चार वर्षों से कोल परियोजना क्षेत्र में सीएसआर के तहत जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसानों को तकनीकी जानकारी देने के लिए हाल ही में 13 किसानों को राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने बागवानी और उत्पादन की नई तकनीकें सीखी।कुल मिलाकर यह पहल न सिर्फ खेती को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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