इंदौर: दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी पर विवाद

भोपाल : इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण लगातार हो रही मौतों ने राज्य सरकार और भाजपा को संकट में डाल दिया है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की विवादित टिप्पणी और प्रभावित लोगों से अपमानजनक संवाद के कारण मप्र सरकार और भाजपा की साख पर सवाल उठ रहे हैं। उनके ठहाके और बिगड़े बोल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं और तरह-तरह के मीम्स वायरल हो रहे हैं। इस मामले की शिकायतें दिल्ली तक पहुंच चुकी हैं, और सूत्रों का कहना है कि भाजपा आलाकमान विजयवर्गीय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की सोच रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय विवादों में घिरे हैं। इससे पहले भी वे कई बार अमर्यादित बयान दे चुके हैं। पिछले दिनों भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मौतों पर मीडिया से बातचीत में विजयवर्गीय ने अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके बयानों से यह साफ होता है कि वे अक्सर अपनी वक्त-बेवक्त की बयानबाजी के कारण विवादों में फंसते हैं।
कैलाश विजयवर्गीय का राजनीति में करियर 1975 से शुरू हुआ था, जब वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। हालांकि, वे कभी भी वह राजनीतिक मुकाम नहीं पा सके, जिसके हकदार वे संगठनात्मक अनुभव के आधार पर माने जाते थे। उनकी वक्त-बेवक्त की बयानबाजी की वजह से वे पार्टी के अनुशासन से अक्सर बाहर होते गए और कई बार हाशिये पर चले गए।
पिछले कुछ वर्षों में उनके कुछ विवादित बयान और घटनाओं के कारण उनकी सख्त आलोचना की गई। इनमें शामिल हैं:
कटी-फटी आजादी (अगस्त 2025): विजयवर्गीय ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत को जो स्वतंत्रता मिली, वह अधूरी थी और भविष्य में भारतीय तिरंगा इस्लामाबाद में फहरेगा।
ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ विवाद (अक्टूबर 2025): विजयवर्गीय ने महिला क्रिकेटरों के साथ छेड़छाड़ की घटना पर बयान दिया था, जिसे विरोध का सामना करना पड़ा।
शूर्पणखा कमेंट (अप्रैल 2023): उन्होंने कहा था कि जो लड़कियां खराब कपड़े पहनती हैं, वे शूर्पणखा जैसी दिखती हैं।
विदेशी बनाम भारतीय सुंदरता (जून 2025): विजयवर्गीय ने महिला फैशन को विदेशी अवधारणा और भारतीय परंपरा से विपरीत बताया था।
उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय ने भी हाल ही में इस घटना पर टिप्पणी की और कहा कि जांच के बाद ही मौतों का असली कारण पता चल सकेगा। आकाश ने यह भी कहा कि सिर्फ गंदा पानी इतनी मौतों का कारण नहीं हो सकता, और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना से उन्होंने इनकार नहीं किया।पार्षद कमल वाघेला ने भी इस घटना के पीछे साजिश होने की संभावना जताई और कहा कि जांच से सच्चाई सामने आएगी।यह मामला सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का भी कारण बन सकता है, क्योंकि यह मुद्दा जल आपूर्ति और सरकारी नीतियों से जुड़ा हुआ है।













