एनसीएल में खान सुरक्षा पर मैराथन संवाद कार्यक्रम आयोजित

सिंगरौली; नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में बीते दिनों खनन कार्यों में सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एमडीआई, सीईटीआई, सिंगरौली में एक मैराथन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीजीएमएस, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) तथा एनसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ संविदा एजेंसियों के प्रतिनिधियों, जेसीसी सदस्यों और सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सीईटीआई में आयोजित कार्यक्रम में श्री नीरज कुमार, डीडीजी, डीजीएमएस नॉर्दर्न जोन, गाजियाबाद; अच्युत घटक, निदेशक (तकनीकी), कोल इंडिया लिमिटेड; आशुतोष द्विवेदी, निदेशक (तकनीकी), एनसीएल; राजीव कृष्णकुमार, डीएमएस (माइनिंग), वाराणसी रीजन; के. विजय कुमार, डीएमएस (मैकेनिकल), नॉर्दर्न जोन, गाजियाबाद; बी. बेहरे, डीएमएस (इलेक्ट्रिकल), नॉर्दर्न जोन, गाजियाबाद; सी.पी. गर्ग, ईडी (सेफ्टी एंड रेस्क्यू), सीआईएल; के. जीवन कुमार, डीडीएमएस (माइनिंग), वाराणसी रीजन तथा श्री यू.के. साहू, डीडीएमएस (मैकेनिकल), नॉर्दर्न जोन, गाजियाबाद सहित एनसीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंतर्गत तीन चरणों में संवाद सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र में सभी परियोजनाओं के महाप्रबंधक, माइन मैनेजर, प्रोजेक्ट इंजीनियर, सेफ्टी अधिकारियों एवं अन्य ने भाग लिया, जिसमें खान संचालन से जुड़ी सुरक्षा, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उनके समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
दूसरे सत्र में एचओई संविदाकार व कोयला परिवहन के संविदाकारों के साथ चर्चा हुई, जिसमें सुरक्षित खनन संचालन सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर की समस्याओं और उनके मूल कारणों पर विशेष रूप से विचार किया गया।
इसी क्रम में एनसीएल मुख्यालय में आयोजित तीसरे संवाद सत्र में जेसीसी, सीएमओएआई एवं सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों के साथ विशेष बातचीत की गई। इस सत्र में एनसीएल के सीएमडी बी. साईराम भी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
इस दौरान जेसीसी सदस्यों, सीएमओएआई प्रतिनिधियों और सेफ्टी बोर्ड के सदस्यों ने सुरक्षित खनन संचालन से जुड़े अपने अनुभव और अवलोकन साझा करते हुए कई व्यावहारिक सुझाव दिए।

इस अवसर पर सीएमडी, एनसीएल बी. साईराम ने अपने संबोधन में उन्होंने कर्मियों में सिचुएशनल अवेयरनेस विकसित करने, प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने, व्यावसायिक प्रशिक्षण के डिजिटलीकरण तथा वर्गीकृत प्रशिक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स के माध्यम से निरीक्षण प्रणाली को और मजबूत करते हुए प्रत्येक स्तर पर सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाना आवश्यक है उन्होंने सभी से सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प लेने और कार्यस्थल पर ‘सुरक्षा प्रथम’ का आह्वान किया।
डीडीजी, डीजीएमएस नॉर्दर्न जोन गाजियाबाद, श्री नीरज कुमार ने कहा कि सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए नई पहलें विकसित करते हुए एक स्पष्ट और व्यावहारिक रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘सेल्फ इंस्पेक्शन’ की संस्कृति को बढ़ावा देने, सुरक्षा प्रोत्साहन योजनाओं को लागू करने, रिकॉर्ड कीपिंग को बेहतर बनाने तथा खदानों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रमों औरके माध्यम से सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की आवश्यकता बतया।
निदेशक (तकनीकी), सीआईएल श्री अच्युत घटक ने कहा कि सुरक्षा के क्षेत्र में डीजीएमएस द्वारा दिए गए सुझावों का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि सुरक्षा तभी मजबूत होगी जब संगठन में दो-तरफा संवाद की संस्कृति विकसित हो और निरीक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना से सीखते हुए रूट कॉज एनालिसिस के माध्यम से रोड मैप के साथ स्थायी समाधान विकसित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग भी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है |
कार्यक्रम में दुर्घटनाओं का मूल कारण, व्यवहार संबंधी पहलू, प्रभावी संचार, बैक शिफ्ट निरीक्षण, प्रशिक्षण, तकनीक का उपयोग, सेफ्टी टॉक, एसओपी का प्रभावी क्रियान्वयन तथा गुणवत्ता निरीक्षण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर एनसीएल में माइन सेफ़्टी से संबंधित विभिन्न पहलों को विस्तार से रखा गया ।
सुरक्षा संवाद कार्यक्रम के आयोजन में एनसीएल के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) एवं उनकी टीम की भूमिका अहम रही|













