AI की निगरानी में खनिज परिवहन: सिंगरौली में 3 समेत प्रदेश में 40 ई-चेक गेट शुरू
RFID टैग अनिवार्य, बिना ई-टीपी और ओवरलोडिंग पर तुरंत कार्रवाई

सिंगरौली। खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर लगाम कसने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। प्रदेशभर में 40 मानव रहित (Unmanned) ई-चेक गेट पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं, जिनमें सिंगरौली जिले के तीन प्रमुख स्थान भी शामिल हैं। अब इन गेटों के जरिए 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी की जाएगी।
जिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के अनुसार, सिंगरौली में ग्राम तेलई, निगरी और खनहना बैरियर पर ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। इन गेटों पर खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के लिए RFID टैग अनिवार्य कर दिया गया है, जो वाहन की विंडशील्ड पर लगाया जाएगा।
गेट पर लगे एएनपीआर कैमरा, वेरीफोकल कैमरा और RFID रीडर वाहन की संख्या, खनिज की मात्रा और वजन का स्वतः मिलान करेंगे। यदि कोई वाहन बिना वैध ई-टीपी, ओवरलोडिंग या अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट कर ऑनलाइन कार्रवाई शुरू कर देगा।
इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। नियम उल्लंघन पर जुर्माना, वाहन का रजिस्ट्रेशन निलंबन या जब्ती जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।













