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कान्हा में बाघ शावकों की मौत से हड़कंप, अमाही बाघिन का तीसरा शावक भी मृत मिला

 

जबलपुर। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अमाही बाघिन (टी-141) के तीसरे शावक की भी मौत हो गई है। शनिवार 25 अप्रैल की शाम मादा शावक का शव सरही जोन में मिला, जिसे पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर भेजा गया है। इस महीने रिजर्व में बाघों से जुड़ी यह चौथी घटना है।

बताया जा रहा है कि ये तीनों शावक मशहूर बाघिन अमाही (टी-141) के थे और इनकी उम्र करीब 12 महीने थी। इस घटना के बाद पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि दो शावकों के पेट पूरी तरह खाली थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उनकी मौत भूख के कारण हुई हो सकती है।

लगातार तीन दिन में मिले तीन शव
पहला शावक 21 अप्रैल को अमाही नाला के पास मिला था, जबकि दूसरा 24 अप्रैल को ईंटावारे नाला में मिला। पानी में पड़े रहने के कारण दूसरे शावक का शव काफी सड़ चुका था। वहीं तीसरा शावक शनिवार रात को सरही जोन में मृत पाया गया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शावक के शव का पोस्टमार्टम कर उसे स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ भेजा गया है, जहां मौत के असली कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।

पहले भी हो चुकी है दो शावकों की मौत
इससे पहले अमाही बाघिन के दो नर शावकों की मौत 21 और 24 अप्रैल को हो चुकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण भूख बताया गया था। अमाही बाघिन के कुल चार शावक थे, जिनमें से अब तक तीन की मौत हो चुकी है।

बाघिन की हालत भी कमजोर, चिंता बढ़ी
अधिकारियों के मुताबिक बाघिन अमाही की स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है, जिससे उसके बचे हुए एक शावक को लेकर चिंता और बढ़ गई है। उप संचालक (कोर) प्रकाश कुमार वर्मा ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी तय प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

एक महीने में चौथी मौत, 8 महीनों में 10 बाघों की जान गई
गौरतलब है कि कान्हा टाइगर रिजर्व में अप्रैल महीने में अब तक 4 बाघों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 5 अप्रैल को टी-122 नामक मादा बाघ की मौत हुई थी। वहीं, पिछले 8 महीनों में रिजर्व में 10 बाघ और 5 तेंदुओं की मौत दर्ज की गई है।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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