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जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत राजनिया में पीएचई विभाग ने ग्रामीणों को सिखाया जल परीक्षण का हुनर


सिंगरौली,/जिले के देवसर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम राजनिया में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत एक विशेष बैठक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को पेयजल की शुद्धता जाँचने के लिए फील्ड टेस्ट किट के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह ग्रामीण स्वयं अपने जल स्रोतों की जांच कर सकते हैं, ताकि दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। इसके साथ ही बैठक में जल जनित रोगों के खतरों और उनसे बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने समझाइश दी कि नियमित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए समय पर जल कर का भुगतान करना अनिवार्य है, जिससे भविष्य में बुनियादी ढांचे का रखरखाव प्रभावी ढंग से हो सके। उल्लेखनीय है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पीएचई विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभाग द्वारा न केवल जल संरचनाओं के पुनरुद्धार पर ध्यान दिया जा रहा है, बल्कि पेयजल की गुणवत्ता निगरानी और समुदाय को जल प्रबंधन के प्रति जवाबदेह बनाने का कार्य भी प्रमुखता से किया जा रहा है। गाँव-गाँव जाकर जल गुणवत्ता जांच और तकनीकी मार्गदर्शन देना विभाग की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर देवसर ब्लॉक के विकासखंड समन्वयक नीलू भारती, विशेषज्ञ जीवेंद्र सिंह, रामकृष्ण गुप्ता, आई.एस.ए. कोऑर्डिनेटर, हैंडपंप टेक्नीशियन सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता और समुदाय की महिलाएं गरिमामयी रूप से उपस्थित रहीं।

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