आरबीआई ने सोना बेचने की खबरों को बताया गलत, कहा- 880.52 टन गोल्ड रिजर्व सुरक्षित

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि केंद्रीय बैंक ने अपने स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) का एक हिस्सा बेच दिया है। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार पहले की तरह 880.52 टन ही है और इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं आई है।
आरबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में सोना बेचने का दावा किया गया है, लेकिन यह जानकारी तथ्यात्मक रूप से गलत है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसके स्वर्ण भंडार से संबंधित आंकड़े नियमित रूप से मासिक बुलेटिन में प्रकाशित किए जाते हैं और वर्तमान में भौतिक सोने का स्टॉक 880.52 टन पर स्थिर है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि उसके स्वर्ण भंडार का पूरा विवरण मासिक बुलेटिन में उपलब्ध है, जिसे आम लोग आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। आरबीआई ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।
इस मामले में प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक यूनिट ने भी स्पष्टीकरण जारी किया है। पीआईबी ने कहा कि कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि आरबीआई ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है, जबकि यह दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है।
पीआईबी के अनुसार, आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। सितंबर 2025 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई। वहीं 22 मई 2026 तक यह बढ़कर 16.85 प्रतिशत पहुंच गई।
दरअसल, एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आरबीआई ने 22 मई तक के दो सप्ताह के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचकर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदी हो सकती हैं। इस रिपोर्ट के बाद बाजार में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
हालांकि, आरबीआई और पीआईबी दोनों ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत के स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं आई है और देश के पास मौजूद 880.52 टन सोना पूरी तरह सुरक्षित है।













