भारत-नेपाल संबंधों को नई मजबूती देने पर जोर, पीएम मोदी ने रबि लामिछाने से की मुलाकात

नई दिल्ली। भारत और नेपाल के बीच पारंपरिक मित्रता और सहयोग को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी) के अध्यक्ष रबि लामिछाने से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने साझा समृद्धि, विकास और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए कहा कि रबि लामिछाने से मिलकर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने साझा और समृद्ध भविष्य के निर्माण की इच्छा का समर्थन करते हुए कहा कि भारत के लिए नेपाल “पड़ोसी प्रथम” (नेबरहुड फर्स्ट) नीति के तहत एक महत्वपूर्ण और प्राथमिक साझेदार है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि नेपाल के साथ मिलकर दोनों देशों के विशेष और बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं, जिन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।
भारत और नेपाल के बीच सहयोग केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, शिक्षा, पर्यटन और जन-से-जन संपर्क जैसे अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की “पड़ोसी प्रथम” नीति के तहत दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक तथा मजबूत बना सकता है।
इससे पहले मंगलवार को रबि लामिछाने ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात की थी। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य नेताओं के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। लामिछाने ने इन बैठकों को महत्वपूर्ण और उपयोगी बताया।
बैठकों के दौरान नेपाल-भारत संबंधों, आपसी हितों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, सुरक्षा सहयोग तथा दोनों देशों के राजनीतिक दलों के बीच संवाद और सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। जानकारी के अनुसार, रबि लामिछाने और उनकी टीम 5 जून को नेपाल लौटेगी।
भारत और नेपाल के बीच लगातार बढ़ता संवाद दोनों देशों की मित्रता, क्षेत्रीय स्थिरता और साझा विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।













