अमलोरी-जयंत मार्ग पर बिखर रहा कोयला, हादसों और प्रदूषण का बढ़ा खतरा
एनजीटी के नियमों की अनदेखी, स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

सिंगरौली। ऊर्जाधानी सिंगरौली में कोयला परिवहन व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। एनसीएल की अमलोरी परियोजना से जयंत क्षेत्र की ओर कोयला लेकर जा रहे भारी वाहनों से सड़क पर कोयला गिरने का मामला सामने आया है। रविवार को वायरल हुए एक वीडियो में चलते वाहनों से सड़क पर कोयला बिखरता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कोयला परिवहन में लगे कई वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। परिवहन के दौरान सड़क पर गिर रहा कोयला दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। सड़क पर बिखरे कोयले और उड़ती धूल के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोयला परिवहन करने वाले वाहनों को पूरी तरह ढंककर चलाना अनिवार्य है। इसके लिए ट्रिपल लेयर कवर सहित अन्य सुरक्षा उपायों का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन ताजा मामले में इन नियमों की अनदेखी सामने आई है।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि कई वाहन ओवरलोड होकर तेज रफ्तार से संचालित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि कागजों में नियमों का पालन दिखाया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी वाहन संचालकों एवं परिवहन कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।













