व्हाट्सऐप पर 79 रुपये शुल्क को लेकर भ्रम, कंपनी ने किया साफ

नई दिल्ली। देश में व्हाट्सऐप को लेकर 79 रुपये मासिक शुल्क की चर्चा के बीच उपयोगकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों में कहा जा रहा था कि अब व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने के लिए शुल्क देना होगा, हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी गलत है।
व्हाट्सऐप ने कहा है कि उसकी मूल सेवाएं—जैसे संदेश भेजना, ऑडियो-वीडियो कॉल, स्टेटस और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन—पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी। 79 रुपये का शुल्क केवल एक वैकल्पिक ‘व्हाट्सऐप प्लस’ सदस्यता योजना के लिए है, जिसे उपयोगकर्ता अपनी इच्छा से ले सकते हैं।
कंपनी के अनुसार इस प्रीमियम योजना में उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें नए रंग थीम, ऐप आइकन बदलने के विकल्प, विशेष रिंगटोन, स्टिकर पैक और चैट प्रबंधन से जुड़े नए फीचर्स शामिल हैं। इसमें 20 चैट को पिन करने की सुविधा भी दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह वैकल्पिक सेवा है और सामान्य उपयोगकर्ताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिलहाल यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही है।
कंपनी ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और व्हाट्सऐप का सामान्य उपयोग पहले की तरह मुफ्त रहेगा।













