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सीबीआई का ऑपरेशन चक्र-VI: 16 राज्यों में 80 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी, डिजिटल अरेस्ट गिरोह पर बड़ी कार्रवाई

 

नई दिल्ली। देशभर में तेजी से बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन चक्र-VI के तहत 16 राज्यों में 80 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान में 60 विशेष टीमों ने समन्वित कार्रवाई कर 200 से अधिक डिजिटल अरेस्ट मामलों से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया।

सीबीआई ने इस कार्रवाई के दौरान चेन्नई और कोलकाता से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी (शेल) कंपनियां बनाकर और ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को विभिन्न खातों के जरिए खपाने का काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में करीब दो करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के प्रमाण मिले हैं।

सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी

जांच एजेंसी के अनुसार साइबर अपराधियों ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक नकली वेबसाइट और यूआरएल तैयार किया था। इसके जरिए लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला दर्ज है और गिरफ्तारी की कार्रवाई होने वाली है।

इस संबंध में शिकायत मिलने पर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने मामला दर्ज कराया, जिसके बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।

फर्जी वारंट और अदालत के आदेशों का इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह पीड़ितों को डराने के लिए विभिन्न अदालतों तथा प्रवर्तन एजेंसियों के नाम से फर्जी वारंट, नोटिस और आदेश पत्र तैयार कर ऑनलाइन भेजता था। साइबर ठग स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी अधिकारियों के रूप में पेश कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाते थे।

विदेशों तक फैला नेटवर्क

सीबीआई ने हाई-टेक फॉरेंसिक टूल्स और तकनीकी विशेषज्ञता की मदद से इस नेटवर्क की कई अहम कड़ियों का पता लगाया। जांच में संकेत मिले हैं कि गिरोह के तार विदेशों तक फैले हुए हैं और भारतीय नागरिकों के अलावा अन्य देशों के नागरिक भी इसका शिकार बने हैं। इस संबंध में संबंधित देशों की एजेंसियों को भी सूचित किया जा रहा है।

16 राज्यों में एक साथ कार्रवाई

सीबीआई की छापेमारी जिन राज्यों में की गई उनमें पंजाब, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, कर्नाटक और ओडिशा शामिल हैं।

भारी मात्रा में डिजिटल सबूत जब्त

कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, स्मार्टफोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।

सीबीआई ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के ऐसे संगठित नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा पूरे आपराधिक ढांचे को ध्वस्त करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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