नर्मदा परियोजना के भुगतान विवाद का समाधान, चार राज्यों में ऐतिहासिक समझौता

नई दिल्ली। नर्मदा नदी पर बनी सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े वर्षों पुराने भुगतान विवाद के समाधान की दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाया गया। मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र ने परियोजना से संबंधित लंबित वित्तीय दायित्वों के निपटारे के लिए महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। केंद्र सरकार ने इसे सहकारी संघवाद की दिशा में एक अहम उपलब्धि बताया है।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल तथा चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण के निर्णय के तहत विभिन्न राज्यों के बीच वर्षों से लंबित भुगतान संबंधी दायित्वों के समाधान के लिए किया गया है।
सरकार के अनुसार, सरदार सरोवर परियोजना की लागत साझा करने को लेकर कई वित्तीय भुगतान लंबे समय से लंबित थे। अब सभी राज्यों ने आपसी सहमति से एकमुश्त व्यवस्था (वन-टाइम सेटलमेंट) के तहत इन दायित्वों का निपटारा करने पर सहमति जताई है।
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि संवाद और सहयोग के माध्यम से जटिल अंतरराज्यीय विवादों का समाधान संभव है। उन्होंने बताया कि सरदार सरोवर परियोजना से गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के लाखों लोगों को सिंचाई, पेयजल और बिजली की सुविधा मिली है। सरकार का मानना है कि इस समझौते से राज्यों के बीच समन्वय और मजबूत होगा तथा नर्मदा परियोजना से जुड़े विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।













