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प्रम्बानन मंदिर संरक्षण में भारत की नई पहल, मोदी-प्रबोवो ने किया परियोजना का शुभारंभ

 

नई दिल्ली। इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन में भारत की भूमिका का नया अध्याय शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने बुधवार को योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना का शुभारंभ किया। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।

इस अवसर पर दोनों नेताओं ने परियोजना की प्रतीकात्मक पट्टिका का अनावरण किया। नौवीं शताब्दी में निर्मित प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है, जो भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव को समर्पित है तथा दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।

यह परियोजना वर्ष 2025 में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत यात्रा के दौरान बनी सहमति का परिणाम है। उस समय दोनों देशों ने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण में भारत की तकनीकी सहायता पर सहमति जताई थी।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इससे पहले इंडोनेशिया के प्रसिद्ध बोरोबुदुर मंदिर परिसर का विस्तृत दस्तावेजीकरण भी कर चुका है। सरकार का कहना है कि प्रम्बानन परियोजना भारत की साझा वैश्विक सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इससे भारत-इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।

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