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रूस में उत्तर कोरिया की मिसाइल यूनिट तैनाती का दावा, 120 बैलिस्टिक मिसाइलों से यूक्रेन की बढ़ी चिंता

वोरोनेज क्षेत्र में तैनाती की आशंका, यूक्रेन ने कहा- बढ़ सकता है मिसाइल हमलों का खतरा

मॉस्को/कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उत्तर कोरिया और रूस के बढ़ते सैन्य सहयोग को लेकर नई चिंता सामने आई है। यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया की एक मिसाइल यूनिट को पश्चिमी रूस में तैनात किया जा रहा है। इस यूनिट में करीब 90 सैनिक, 120 बैलिस्टिक मिसाइलें और छह लॉन्चर शामिल होने की बात कही गई है।

यूक्रेन के मुख्य खुफिया निदेशालय के अधिकारी आंद्री चेर्नियाक के अनुसार, रूस इस मिसाइल यूनिट को वोरोनेज क्षेत्र में अपनी 112वीं मिसाइल ब्रिगेड के साथ तैनात करने की योजना बना रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

रूस-उत्तर कोरिया सैन्य सहयोग पर बढ़ी निगरानी

यूक्रेन का कहना है कि यदि यह तैनाती सही साबित होती है तो रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य साझेदारी एक नए स्तर पर पहुंच जाएगी। यूक्रेन पहले से ही आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों की कमी से जूझ रहा है और रूस द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों के बढ़ते इस्तेमाल से उसकी चिंता और बढ़ गई है।

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उत्तर कोरिया मॉस्को का प्रमुख सहयोगी बनकर सामने आया है। दोनों देशों ने वर्ष 2024 में आपसी रक्षा समझौता भी किया था। इससे पहले उत्तर कोरिया द्वारा रूस को बड़ी संख्या में तोपखाने के गोले और सैन्य सहायता उपलब्ध कराने के दावे सामने आ चुके हैं।

केएन-23 और केएन-24 मिसाइलों की तैनाती का दावा

चेर्नियाक ने दावा किया कि उत्तर कोरिया ने हाल ही में करीब 40 नई केएन-23 और केएन-24 बैलिस्टिक मिसाइलें तथा कुछ सैन्य कर्मियों को रूस भेजा है। आने वाले समय में उच्च स्तरीय वार्ता के बाद इस यूनिट की अंतिम संरचना और मिसाइलों की संख्या तय की जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, केएन-23 और केएन-24 मिसाइलें रूसी इस्कंदर मिसाइलों की तरह कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, लेकिन इनकी मारक क्षमता और विस्फोटक भार अधिक हो सकता है। हालांकि, इनकी सटीकता को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं, जिससे नागरिक क्षेत्रों में नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।

यूक्रेन के लिए बढ़ी चुनौती

रिपोर्टों के अनुसार रूस ने वर्ष 2023 के अंत से यूक्रेन के खिलाफ उत्तर कोरियाई मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू किया था। यूक्रेन का कहना है कि बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना बेहद कठिन है और उसके पास सीमित संख्या में ही प्रभावी वायु रक्षा प्रणालियां मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूस को बड़ी संख्या में उत्तर कोरियाई मिसाइलें मिलती हैं तो आने वाले महीनों में वह यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले तेज कर सकता है।

हालांकि, उत्तर कोरियाई मिसाइल यूनिट की तैनाती को लेकर रूस, उत्तर कोरिया या अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उत्तर कोरियाई सैनिक मिसाइलों का संचालन करेंगे या केवल प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भूमिका निभाएंगे।

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