माधवी लता के बागलकोट प्रवेश पर रोक
23 सितंबर से 23 अक्टूबर तक प्रतिबंध, आदेश तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी

बागलकोट। कर्नाटक के बागलकोट जिला प्रशासन ने भाजपा नेता माधवी लता के जिले में प्रवेश पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है। प्रशासन के आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध 23 सितंबर से 23 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
माधवी लता को बागलकोट में आयोजित महागणपति विसर्जन कार्यक्रम में वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया गया था। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका का हवाला देते हुए 22 सितंबर को उन्हें नोटिस जारी किया था। इसके बाद बागलकोट के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने उपायुक्त संगप्पा को पत्र भेजकर उनके प्रवेश पर रोक लगाने की सिफारिश की। इसी आधार पर उपायुक्त ने प्रतिबंध का आदेश जारी किया।
पुलिस की ओर से माधवी लता को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी आदेश का प्रतिबंध की अवधि में पालन करना अनिवार्य है। उन्हें इस अवधि में बागलकोट जिले की सीमा में प्रवेश करने या वहां रहने से रोक दिया गया है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में माधवी लता के पूर्व में दिए गए कुछ भाषणों और सार्वजनिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया गया है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि उनकी मौजूदगी से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, आदेश में लगाए गए आरोप प्रशासन के आकलन और रिकॉर्ड पर आधारित हैं।
अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का पालन नहीं करने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने आदेश की अवधि 23 अक्टूबर तक निर्धारित की है।













