मजदूरी मांगने पर मधुकॉन अधिकारियों पर अभद्रता और धमकी का आरोप
निगाही परियोजना के मजदूरों ने सीजीएम को सौंपा आवेदन, बकाया मजदूरी और सुरक्षा सुविधाएं दिलाने की मांग

सिंगरौली। एनसीएल की निगाही परियोजना में कार्यरत मधुकॉन कंपनी के अधिकारियों पर मजदूरों ने मजदूरी भुगतान में अनियमितता, अभद्रता, जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों ने इस संबंध में एनसीएल निगाही परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक को लिखित आवेदन सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।शिकायत में मजदूरों ने बताया कि वे पिछले कुछ वर्षों से मधुकॉन कंपनी के अधीन अलग-अलग पदों पर कार्य कर रहे हैं। आरोप है कि कंपनी के डीजीएम विनीत पाण्डेय और सेफ्टी अधिकारी निमेष उपाध्याय द्वारा मजदूरी भुगतान में देरी की जाती है तथा निर्धारित मजदूरी का पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों ने मेडिकल सुविधा, सुरक्षा उपकरण और पीएफ जमा करने में भी कथित अनियमितता का आरोप लगाया है।
मजदूरी मांगने पर धमकाने का आरोप
मजदूरों का आरोप है कि जब वे बकाया और निर्धारित मजदूरी की मांग करते हैं तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। शिकायत के अनुसार, उन्हें काम से निकालने की धमकी भी दी जाती है। कुछ मजदूरों ने साइट पर वाहन से दुर्घटना कराने और डंपर से दबाकर जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
लिखित आश्वासन के बाद भी भुगतान नहीं होने का दावा
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पूर्व में मजदूरी भुगतान को लेकर हुई हड़ताल के दौरान कंपनी प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था। मजदूरों का कहना है कि इसके बावजूद लिखित समझौते के अनुरूप निर्धारित भुगतान नहीं किया गया।मजदूरों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने तथा बकाया मजदूरी, पीएफ और सुरक्षा सुविधाओं से जुड़े अधिकार दिलाने की मांग की है।










