शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष ने सिविल सर्जन के चेहरे पर पोती कालिख,देखिए पूरा ममला…

शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष ने सिविल सर्जन के चेहरे पर पोती कालिख,देखिए पूरा ममला…
जिला अस्पताल की अव्यवस्था एवं एक शिव सैनिक की मौत से आक्रोशित थे शिवसेनिक
पूरी घटना का शिव सैनिकों ने बनाया वीडियो
सीधी पोल खोल पोस्ट न्यूज़
कल सोमवार का दिन सीधी जिले की लड़खड़ाई हुई स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हुए एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के कारण लंबे समय तक याद किया जाएगा।
जिले की डगमगाती, लड़खड़ाती, खुद को आईसीयू में महसूस करती, गिरती-पड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आखिर विस्फोटक तरीके का एक बड़ा विवाद उस वक्त खड़ा हो गया, जब जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस.बी.खरे के चेहरे पर शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे द्वारा कालिख पोत दी गई और इस पूरे घटनाक्रम का खुद से शिव सैनिकों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर उसे डाल दिया गया जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
क्या है घटना
घटना सीधी शहर के प्रियदर्शनी नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एक नर्सिंग होम के पास की बताई जा रही है, जिस नर्सिंग होम को जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ एस.बी. खरे से जुड़े हुए लोग संचालित करते हैं और अक्सर ही डॉ. खरे दिन में कई बार यहां अपनी विजिट भी करते हैं।
कल सोमवार को घटना के वक्त दोपहर तकरीबन 11:30 बजे जब सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे इस नर्सिंग होम के बाहर सड़क पर उपस्थित थे उसी दौरान शिव सैनिकों ने वहां पहुंचकर पूरे इत्मीनान के साथ उनके चेहरे पर पूरी तरह काली पोत दी और उसके बाद शिव सैनिक जय भवानी, जय शिवाजी के नारे लगाते हुए वहां से चले गए।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो शिव सैनिकों द्वारा स्वयं बनाया गया जो देखते ही देखते शोसल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके चलते तनाव की स्थिति निर्मित हो चली।
क्यों भड़का विरोध ?
बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल की अव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट और निजी नर्सिंग होम की बढ़ती निर्भरता को लेकर शिवसेना नेता पहले से ही नाराज़ चल रहे थे। लंबे समय से शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण ये प्रदर्शन उग्र रूप ले गया।
इसके साथ ही एक दूसरा भी कारण बताया गया कि विगत दिनों एक शिव सैनिक उपचार के लिये जिला चिकित्सालय सीधी पहुॅचा था, जहॉ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी। उक्त प्रकरण में शिव सैनिको ने चिकित्सकों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने मरीज की अत्यंत दयनीय अवस्था में होना बताया था।
उक्त घटना से आक्रोशित होकर शिवसैनिको ने कल 3 नवम्बर सोमवार की सुबह करीब 11.30 बजे हाऊसिंग बोर्ड कालोनी में पहुॅच कर जय भवानी, जय शिवाजी के नारे लगाते हुए जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के विरोध में आक्रोशित होकर डॉ.खरे के मुॅह पर कालिख पोत दी।

शिवसेना उपाध्यक्ष ने खुद थाने में पहुंचकर किया सरेंडर
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष और सिविल सर्जन डॉ एस.बी. खरे के चेहरे पर कालिख पोतने के मामले के प्रमुख आरोपी विवेक पांडे ने इस एरिया के थाना जमोडी में जाकर थाने के बाहर पहुंचकर खुद को सरेंडर कर दिया।
इस दौरान उन्होंने थाने के सामने मीडिया को अपना बयान देते हुए कहा कि- “सिविल सर्जन के खिलाफ हमने पहले भी शिकायत पत्र कलेक्ट्रेट में दिया था। हमने प्रशासन को अवगत कराया था कि निजी नर्सिंग होम के सामने डॉक्टर के खिलाफ हम प्रदर्शन करेंगे। हमारा उद्देश्य किसी को आहत करना नहीं था, यह सिर्फ विरोध प्रदर्शन था।”
पुलिस का क्या कहना है?
इस मामले में डीएसपी अमन मिश्रा ने बताया कि सिविल सर्जन द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है, जिस आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
जब मीडिया ने सवाल किया कि आरोपी नेता ने स्वयं सरेंडर किया है या पुलिस ने गिरफ्तार किया है, इस पर डीएसपी ने कहा कि- “मामले की जांच जारी है, इसलिए अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।”

सिविल सर्जन ने दर्ज कराई एफआईआर
वहीं उक्त घटना से आहत होकर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ.एस.बी.खरे ने आरोपियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने हेतु जमोड़ी थाना पहुॅचे जहॉ लिखित शिकायत के माध्यम से जमोड़ी पुलिस को अवगत कराया कि आरोपियों के द्वारा मेरे ऊपर पेट्रोलियम पदार्थ डालकर गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।

इनका कहना है
फरियादी डॉ.एस.बी.खरे की लिखित शिकायत के आधार पर प्रकरण पंजीवद्ध कर त्वरित रूप से आरोपियों को गिरफ्त में ले लिया गया है। बताये गये घटना के आधार पर आरोपियों के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 के धारा 126/2, 296ए, 351/2, 132, 191/2, 3/5 के तहत प्रकरण पंजीवद्ध कर विवेचना जारी है।
दिव्य प्रकाश त्रिपाठी
थाना प्रभारी, जमोड़ी
सोशल मीडिया पर जोरदार प्रतिक्रियाएं
कल हुए अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद से पूरा सोशल मीडिया इस घटना के पक्ष और विपक्ष दो धड़ो में बंटा हुआ नजर आया। लोग अपने-अपने हिसाब से इस पूरे घटनाक्रम को परिभाषित करते रहे, कुछ प्रतिक्रियाएं मिली जुली भी रहीं। फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस घटना के वीडियो और फोटोग्राफ्स वायरल होते रहे।
समाचार लिखे जाने तक इस घटनाक्रम को लेकर बड़े राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी थी।













