सीधी

सिहावल में जल जीवन मिशन योजना निकली खोखली नेताओं के वादों का क्या कहना…

सिहावल में जल जीवन मिशन योजना निकली खोखली नेताओं के वादों का क्या कहना…

सीधी सिहावल। ज़िले के सिंहावल जनपद में जल जीवन मिशन ज़मीन पर दम तोड़ चुका है। जनपद की लगभग 100 पंचायतों में आज भी सुरक्षित पेयजल जनता तक नहीं पहुँचा। यह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की खुली पराजय है। काग़ज़ों में “हर घर नल” का दावा है, मगर ज़मीनी हक़ीक़त में प्यासे घर, सूखे नल और ठगा हुआ ग्रामीण खड़ा है। योजनाओं की फाइलें दौड़ती रहीं, पानी नहीं पहुँचा यही सिहावल की सच्चाई है।

जो कुछ गिनी-चुनी पंचायतें जल जीवन मिशन के नाम पर गिनाई जाती हैं, वहाँ भी सप्लाई नाममात्र की रही और वह भी बीते लगभग दो महीनों से ठप पड़ी है। जनपद मुख्यालय से सटी सिहावल पंचायत इसका जीता-जागता उदाहरण है—नल लगे हैं, पर नल में जान नहीं। टंकी, पाइप और मोटर दिखते हैं, पर पानी नहीं। सवाल उठता है कि जब मुख्यालय की पंचायत का यह हाल है, तो दूर में स्थित गांवों की दुर्दशा का अंदाज़ा कौन लगाए?

भारत सरकार ने 2019 में जल जीवन मिशन शुरू कर 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन सुरक्षित पेयजल देने का लक्ष्य रखा था।

परंतु सिहावल में यह लक्ष्य सिर्फ़ पोस्टर और प्रेज़ेंटेशन तक सिमट गया है। निगरानी, रख-रखाव और जवाबदेही का घोर अभाव इस मिशन को मज़ाक बना रहा है।

अब जरूरत है गोरिल्ला प्रवाही जवाबदेही की—ठेकेदार, विभाग और अफसर तय हों,अभी तों ठन्ड का मौसम हैं आगे गर्मी का मौसम आने वाला हैं यदि यही रवैया रही तो प्यासे गांवों की यह चीख़ और तेज़ हों जाएंगी।

।। सिंहावल से राजबहोर केवट की रिपोर्ट ।।

Author

  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

पोल खोल पोस्ट

सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

Related Articles

Back to top button