सीधी

जंगल में बाघों के खूनी संघर्ष से सहमी मां,अपने शावकों को बचाने बाघिन मां ने लिया रिसोर्ट का सहारा…

जंगल में बाघों के खूनी संघर्ष से सहमी मां,अपने शावकों को बचाने बाघिन मां ने लिया रिसोर्ट का सहारा…

बाघेला हेरिटेज रिसोर्ट में बाघों का डेरा…

आर.बी.सिंह ‘राज’। सीधी
आपने एक कहावत सुनी होगी कि- “मां की ममता और पिता की क्षमता का अंदाजा लगाना मुश्किल है।”
ऐसे ही एक नजारे में भले ही इंसान की जगह जंगल के खूंखार जानवर एक बाघिन ही क्यों ना हो पर वो भी अपने मातृत्व की ममता का निर्वहन इस तरह करती है जिस तरह इंसानों में बच्चों की मां अपने बच्चों के लिए करती हैं।

क्या है रोचक घटनाक्रम ?

संजय टाइगर रिजर्व में बढ़ते हुए बाघों की संख्या के कारण अब जंगल में बाघों की हो रही बर्चस्व की लड़ाई में इसी जंगल में रह रही ऐसी बाघिन जिनके शावक अभी काफी छोटे हैं वो अपने मातृत्व प्रेम के कारण अपने शावकों को लेकर अब किसी सुरक्षित ठिकाने में अपना बसेरा बनाने के लिए मजबूर हैं।
ऐसी ही एक घटना विगत दो-तीन दिनों से सामने आई है जिसमें बाघिन टी- 40 बीते जो प्रसिद्ध मौसी मां की बेटी है ने 31 दिसंबर को दो नर बाघों के बीच वर्चस्व को लेकर हुए जानलेवा खूनी संघर्ष के उपरांत अपने तीन शावकों के साथ जंगल से निकलकर वस्तुआ रेंज कोर की वन सीमा से लगे हुए जंगल के किनारे बाघेला हेरिटेज रिसोर्ट के साथ लगे बड़े फार्म हाउस में जहां बांस का बड़ा प्लांटेशन है वहां हाल फिलहाल अपना गुप्त ठिकाना बना रखा है।

तीन मवेशियों का शिकार भी कर चुकी है बाघिन मां

 

बीते तीन दिनों से यहां डेरा डाले हुए बाघिन टी- 40 ने अपने खुद एवं अपने शावकों का पेट भरने के लिए यहां तीन मवेशियों को भी मारकर शिकार बनाया है जिसमें एक गाय बाघेला रिजॉर्ट को भी बाघिन ने शिकार बना लिया है जबकि अन्य ग्रामीणों के दो पालतू जानवरों में गाय और भैंस को भी उसने शिकार बनाया है।

 

टाइगर रिजर्व के अधिकारी कर रहे हैं सुपरविजन

 

हमारे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बाघेला हेरीटेज रिजॉर्ट के कैंपस के बांस के प्लांटेशन में अपने सुरक्षित ठिकाना बतौर अपने शावकों के साथ पनाह ले रही टी-40 बाघिन को लेकर संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारी पूरी तरह चौकन्ना हैं तथा इस बाघिन का सुपरविजन करने के लिए विधिवत इलाके के रेंजर और अन्य निकले स्तर के विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो हर वक्त इस बाघिन और उसके शावकों पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।

आसपास के इलाके में मुनादी

रिसोर्ट में पनाह लेने वाली बाघिन टी- 40 को लेकर पूरे आसपास के इलाके में संजय टाइगर रिजर्व द्वारा लोगों को अनाउंसमेंट करके इस पूरे मूवमेंट की सूचना दी गई है लोगों को सतर्क रहने के लिए भी कहा गया है।
यहां सबसे अधिक चौकन्ना रहने वाली बात यह है कि बाघिन और उसके बच्चों की भूख मिटाने के लिए टी-40 कहीं किसी आदमी या अन्य बड़ी घटना को अंजाम न दे।

अब देखना बाकी ये रहेगा की ये बाघिन मां टी-40 अभी कितने और दिनों तक इस सुरक्षित ठिकाने में अपना प्रवास जारी रखती है।
बैरल संजय टाइगर रिजर्व की पूरी चौकसी बनी हुई है।

रिसोर्ट के पर्यटकों ने लिया खूब आनंद

बाघेल हेरिटेज रिसोर्ट में नव वर्ष के उपलक्ष्य में रुके हुए पर्यटकों को जब इस बात की जानकारी लगी की बाघिन टी-40 और उसके शावक इसी परिसर के बांस के प्लांटेशन में पनाह लिए हुए हैं तो उनकी उत्सुकता और अधिक बढ़ गई और कई पर्यटकों ने बाघिन टी-40 के मूवमेंट को बहुत करीब से देखा तथा उसे अपने कमरे में कैद भी किया।
कुल जमा इस रिसोर्ट में रुकने वाले पर्यटकों को बैठे-बैठे उनके होटल के परिसर में ही बाघिन और शावकों के भरपूर दर्शन हो गए। यानी किस्मत अच्छी होने से फुल पैसा वसूल हो गया।

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  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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