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भारत रणभूमि दर्शन: आर्टिलरी स्थापना के 200 वर्ष का उत्सव

मनोज शर्मा,चंडीगढ़ । आर्टिलरी की स्थापना के द्विशताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के तोपची सैनिकों से मिलकर बने “भारत रणभूमि दर्शन”अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ऐतिहासिक युद्धभूमियों एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना था।
यह अभियान गुजरात के द्वारका से प्रारंभ होकर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर समाप्त हुआ। इस यात्रा ने प्रतिभागियों को भारत की ऐतिहासिक युद्धभूमियों से परिचित होने तथा विभिन्न युद्धों एवं अभियानों के दौरान भारतीय आर्टिलरी के वीर सैनिकों द्वारा प्रदर्शित साहस और बलिदान को समझने का अवसर प्रदान किया।
इस यात्रा के माध्यम से अभियान का उद्देश्य नागरिकों को भारत की समृद्ध सैन्य परंपराओं से पुनः जोड़ना तथा साहस,सम्मान,एकता और निःस्वार्थ सेवा जैसे शाश्वत मूल्यों को सुदृढ़ करना है। 3 फरवरी 2026 को द्वारका से प्रारंभ हुई इस उल्लेखनीय यात्रा में 07 अधिकारी, 10 जूनियर कमीशंड अधिकारी एवं 29 अन्य रैंक सम्मिलित थे। अभियान दल 19 फरवरी 2026 को अंबाला छावनी पहुंचा,जहां ब्रिगेडियर दीपक मान,उप जनरल ऑफिसर कमांडिंग,40 आर्टिलरी डिवीजन ने खड़गा स्टेडियम में अभियान दल का औपचारिक स्वागत (फ्लैग-इन) किया।

इस अवसर पर खड़गा कोर के वरिष्ठ अधिकारी एवं सेवारत सैनिकों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक,स्कूली छात्र-छात्राएँ तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट उपस्थित थे। अंबाला में आयोजित फ्लैग-इन समारोह ने देशभक्ति और गौरव की प्रबल भावना का संचार किया तथा सशस्त्र बलों के साथ शहर के दीर्घकालिक संबंधों को और सुदृढ़ किया। इसके पश्चात 20 फरवरी 2026 को अभियान दल ने ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व की भूमि कुरुक्षेत्र के लिए अपनी आगे की यात्रा प्रारंभ की।

अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने पश्चिमी क्षेत्र के उन प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया,जो महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों से जुड़े रहे हैं। वहां उन्हें ऐतिहासिक घटनाओं, सामरिक पहलुओं तथा राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा में वीर सैनिकों के योगदान के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय गर्व तथा सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को और प्रबल किया।

ऐसी पहलें युवा पीढ़ी को राष्ट्र के गौरवशाली अतीत से जोड़ने तथा उन्हें समर्पण और सम्मान के साथ देश सेवा के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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