पाकिस्तान की अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई, टीटीपी और आईएस-खुरासन के ठिकाने निशाने पर

काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर सैन्य कार्रवाई की है। पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यह हमला अफगानिस्तान में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और इस्लामिक स्टेट-खुरासन (आईएस-के) के ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब रमजान का पवित्र महीना चल रहा है।
हालिया हमलों के जवाब में कार्रवाई का दावा
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह ऑपरेशन हाल के आतंकी हमलों के जवाब में किया गया। राजधानी इस्लामाबाद की इमाम बारगाह मस्जिद पर हमला हुआ था, जबकि बाजौर और बन्नू में भी विस्फोट की घटनाएं सामने आई थीं। इन हमलों में कई लोगों की मौत हुई थी।
पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि इन घटनाओं के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट-खुरासन का हाथ था। पाकिस्तान टीटीपी को “फितना अल खवारिज” कहकर संबोधित करता है।
अफगान तालिबान सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने हमले की निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। काबुल में सत्तारूढ़ इस्लामी अमीरात अफगानिस्तान ने चेतावनी दी है कि वह इस कार्रवाई का जवाब देगा और जवाब देने का समय व स्थान स्वयं तय करेगा।
क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार इस तरह की सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है। दोनों देशों के संबंध बीते कुछ वर्षों से टीटीपी की गतिविधियों और सीमा सुरक्षा को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं।
फिलहाल, हमले में हुए नुकसान और हताहतों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। स्थिति पर दोनों देशों की नजर बनी हुई है।













