लोकसभा में 8 सांसदों का निलंबन वापस, बजट सत्र के बीच लिया गया फैसला नई दिल्ली। नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार 17 मार्च को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पहले चरण में निलंबित किए गए 8 सांसदों का सस्पेंशन वापस ले लिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और वाम दल के एक सांसद शामिल हैं। गौरतलब है कि इन सांसदों को 4 फरवरी को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया था। उन पर सदन में हंगामे के दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह विवाद उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव, विशेषकर पूर्वी लद्दाख के मुद्दे का जिक्र कर रहे थे। निलंबन वापस लेने के लिए कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत तीन सांसदों ने प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस प्रस्ताव का समर्थन धर्मेंद्र यादव (सपा) ने भी किया। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और सत्ता पक्ष को भी इसका पालन करना चाहिए। धर्मेंद्र यादव ने विशेष रूप से निशिकांत दुबे का उल्लेख करते हुए मर्यादा बनाए रखने की बात कही, जिसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपील की कि वे प्लेकार्ड और एआई से बनाई गई तस्वीरों का प्रदर्शन न करें। इस घटनाक्रम के बाद सदन की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म रहा, हालांकि निलंबन वापसी के फैसले से विपक्षी दलों को राहत मिली है।

नई दिल्ली। नई दिल्ली लोकसभा में मंगलवार 17 मार्च को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पहले चरण में निलंबित किए गए 8 सांसदों का सस्पेंशन वापस ले लिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और वाम दल के एक सांसद शामिल हैं।
गौरतलब है कि इन सांसदों को 4 फरवरी को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया था। उन पर सदन में हंगामे के दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह विवाद उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव, विशेषकर पूर्वी लद्दाख के मुद्दे का जिक्र कर रहे थे।
निलंबन वापस लेने के लिए कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत तीन सांसदों ने प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। इस प्रस्ताव का समर्थन धर्मेंद्र यादव (सपा) ने भी किया। उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और सत्ता पक्ष को भी इसका पालन करना चाहिए।
धर्मेंद्र यादव ने विशेष रूप से निशिकांत दुबे का उल्लेख करते हुए मर्यादा बनाए रखने की बात कही, जिसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपील की कि वे प्लेकार्ड और एआई से बनाई गई तस्वीरों का प्रदर्शन न करें।
इस घटनाक्रम के बाद सदन की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म रहा, हालांकि निलंबन वापसी के फैसले से विपक्षी दलों को राहत मिली है।













