विश्व शांति के लिए भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक – सत्य पाल जैन

मनोज शर्मा,चंडीगढ़ । चंडीगढ़ के पूर्व भाजपा सांसद एवं भारत सरकार के अपर महासालिसिटर सत्य पाल जैन ने कहा कि भगवान महावीर द्वारा दिये गये विश्व शांति, जीयो और जीने दो, अपरिग्रह, परस्पर सहनषीलता एवं पेड़ पौधो, पक्षियों एवं जानवरों तक के प्रति भी स्नहे के सिद्धांत आज के समय में भी उतने ही प्रसांगिक है जितने की वे हजारों वर्ष पहले थे।
जैन आज भगवान महावीर जयन्ती के उपलक्ष्य में सैक्टर 18-डी के जैन स्थानक में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के नाते सम्बोधित कर रहे थे।जैन ने कहा कि वास्तव में भगवान महावीर सहित सभी महापुरूषों एवं धर्म गुरूओं के सन्देश समूची मानवता के लिये थे परन्तु हमने अपनी तंग सोच एवं व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण अपने महापुरूषों को भी विभिन्न धर्मो, साम्प्रदायों एवं जातीयों में बांट दिया है।
जैन ने कहा कि आज सारा विश्व भयंकर से भयंकर परमाणु हथियारों से भरा पड़ा है तथा किसी तानाशाह की छोटी सी पागलपन की हरकत से समूचे विश्व का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है। ऐसे में केवल भगवान महावीर के विश्व शांति एवं जीयो और जीने दो के सिंद्धात पर चल कर ही मनुष्यता को इस भंयकर विनाश से बचाया जा सकता है।जैन ने कहा कि जैन धर्म सभी से अपेक्षा करता है कि जहां वे स्वंय अपने धर्म का पालन करें वहीं वे दूसरे धर्मो का भी बराबर का सम्मान करे।













