तंबाकू नियंत्रण कानूनों का कड़ाई से पालन करें विक्रेता, उल्लंघन पर होगी कठोर वैधानिक कार्रवाई व जुर्माना

सिंगरौली; नोडल अधिकारी एंटीसीपी डॉ रचना सिंह के द्वारा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा जिले के सभी तंबाकू विक्रेताओं, पान दुकानदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा आम नागरिकों को तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों एवं दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र सरकार की ‘तंबाकू-मुक्त शैक्षणिक संस्थान’ मार्गदर्शिका तथा ‘सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम’, 2003 के प्रावधानों का जिले में पालन अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके तहत किसी भी शिक्षण संस्थान की 100 गज (300 फीट) की परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी भी विद्यालय या महाविद्यालय के आसपास तंबाकू उत्पादों का प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार अथवा विक्रय पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि तंबाकू उत्पाद अधिनियम की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पूरी तरह निषिद्ध है, जबकि धारा 5 के अनुसार तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसी तरह धारा 6(क) के तहत 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचना अथवा उनके माध्यम से इसे खरीदना प्रतिबंधित है तथा धारा 6(ख) के तहत शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के भीतर इनकी बिक्री वर्जित है। इसके अतिरिक्त, ‘इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिषेध अधिनियम’, 2019 के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण एवं विज्ञापन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू है। जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के दल द्वारा इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले में सतत निरीक्षण, चालानी एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने सभी व्यापारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील की है, उल्लंघन पाए जाने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।













