सेमरहिया नाला में हुआ बोरी बंधान, परामर्शदाता ने दी जानकारी…

सेमरहिया नाला में हुआ बोरी बंधान, परामर्शदाता ने दी जानकारी…
अमित श्रीवास्तव कुसमी
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम अंतर्गत सेक्टर गोतरा अंतर्गत ग्राम गुडुआधार में सेमरहिया नाला में परामर्शदाता रामबहादुर प्रजापति एवं छात्र छात्राओं द्वारा जल संचय अभियान अंतर्गत बोरी बंधान किया गया और जल के महत्व पर प्रकाश डाला गया ।
परामर्शदाता राम बहादुर प्रजापति ने छात्र-छात्राओं से कहा कि बोरी बांधना* एक पारंपरिक तरीका है जिसमें नदी, नाले या पानी के बहाव को रोकने के लिए *बोरी (बोरियों/थैलों)* को बांधकर एक अस्थायी बाँध बनाया जाता है। इससे कई फायदे होते हैं:
1. पानी का संचय (Water Conservation)
– बहता पानी रोककर तालाब, खेतों या कुओं में भरने के लिए स्टोर किया जाता है।
– सूखे के मौसम में भी पानी की उपलब्धता रहती है।
2. सिंचाई में मदद
– आसपास के खेतों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचता है।
– फसल उत्पादन बढ़ता है और किसानों की आय में सुधार होता है।
3. भूमिगत जल स्तर बढ़ता है
– पानी जमीन में रिसकर भूजल को रिचार्ज करता है।
– आसपास के बोरवेल और कुओं में पानी का स्तर ऊपर आता है।
4. मिट्टी का कटाव रोकता है
– पानी के तेज बहाव से मिट्टी का कटाव कम होता है।
– नदी किनारे या खेतों की मिट्टी सुरक्षित रहती है।
5. कम लागत और सरल तकनीक
– बोरियां, रेत, मिट्टी जैसी सस्ती सामग्री का उपयोग होता है।
– स्थानीय लोग खुद इसे बना और मैनेज कर सकते हैं।
6. पर्यावरणीय लाभ
– पानी का वाष्पीकरण कम होता है- जलजीवों और वनस्पतियों को पानी मिलता रहता है।
– उपरोक्त संबंध में जानकारी देते हुए राम बहादुर ने बताया कि सेमरहिया नाला में बोरी बंधान का कार्य किया गया है।













