जबलपुर में साइबर ठगों का कहर, 11 मामलों में 9.5 लाख से ज्यादा की ठगी
बुजुर्ग, महिलाएं, रिटायर्ड कर्मचारी और कारोबारी बने निशाना; फर्जी बैंक अधिकारी से लेकर वर्क फ्रॉम होम तक अपनाए हथकंडे

जबलपुर। शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में साइबर अपराधियों ने 11 वारदातों को अंजाम देकर लोगों से 9.5 लाख रुपए से अधिक की रकम ठग ली। ठगों ने बुजुर्गों, महिलाओं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और व्यापारियों को अलग-अलग तरीकों से अपना निशाना बनाया। शिकायतों के बाद पुलिस ने संबंधित थानों में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गढ़ा थाना क्षेत्र में एलआईसी से सेवानिवृत्त बुजुर्ग को वरिष्ठ नागरिक बैंक कार्ड दिलाने का झांसा देकर 60 हजार रुपए ठग लिए गए। घमापुर क्षेत्र में एक व्यापारी के क्रेडिट कार्ड से नौ बार में 3.72 लाख रुपए से अधिक निकाल लिए गए। वहीं संजीवनी नगर में सेवानिवृत्त शिक्षक की पत्नी को फोन कर महिला के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़े जाने की झूठी कहानी बताई गई और कार्रवाई से बचाने के नाम पर 1.46 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।
मोबाइल हैक कर खातों से उड़ाए रुपए
रांझी और संजीवनी नगर में मोबाइल के कथित ऑटो-अपडेट के जरिए हैक कर बैंक खातों से क्रमश: 38 हजार और 1.66 लाख रुपए निकाल लिए गए। हनुमानताल में ओटीपी के जरिए ठगी की गई, जबकि अधारताल में वर्क फ्रॉम होम नौकरी का झांसा देकर युवक से 35 हजार रुपए ठग लिए गए। बरेला, कोतवाली और संजीवनी नगर में भी क्रेडिट कार्ड और फर्जी पहचान के जरिए ठगी के मामले सामने आए हैं।
मोबाइल नंबर और यूपीआई की जांच
पुलिस ने शिकायतों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत प्रकरण दर्ज किए हैं। साइबर सेल की मदद से पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। इन माध्यमों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।












